दोस्त की बहन ने चुदवाया, उसके बूब्स को सीधे मुह ले लिया

उसने ने कहा आःह्ह प्लीज़ इसे बाहर निकालो.

मैंने कहा बहुत टाइट है इसे थोड़ा खोल तो दूं.

थोड़ा तो सहना होगा.

फिर मैंने उसकी एक ना सुनी और उंगली एक के बाद एक तिन घुसेड दी, जब तक थोड़ी ढीली नहीं हुई. अपना लंड सेट किया और धक्का मारा, लेकिन लंड फ़ीसल गया.

मैंने फिर लंड सेट किया, उसकी कमर को पकड़ा एक जोर का धक्का मार के लंड ४-५ इंच अंदर घुसा दिया. उसने जोर की चीख मारी आऔ अमीई मर गई. मैंने तुरंत उसका मुह पकड़ कर उसे चुप किया और शांत होने को कहा. थोड़ी देर रुकने के बाद बोला थोड़ा दर्द सहन नहीं कर सकती हो क्या?

उस ने कहा : मैं मर जाऊंगी प्लीज इसे निकाल लो.

मैंने कहा अभी मजा आना बाकी है बेबी बेबी थोड़ा सब्र करो, अभी आधा लंड अंदर गया है.

उसने कहा और मत घुसाना बहुत दर्द हो रहा है मर जाऊंगी.

मैंने फिर हल्के हल्के झटके मारना शुरू कर दिया हर धक्के से उसे दर्द हो रहा था और वह आवाज निकालती और मेरे लंड को अंदर घुसाता गया. मेरे लंड में भी जलन होने लगी थी, चूत बहुत टाइट थी इसलिए.

वो दर्द वह सहन कर रही थी, मैं उसे चोदता रहा. अब यह मेरे ऊपर डिपेंड कर रहा था मैं कितनी देर में छोड़ता हूं, क्योंकि सुबह मैं मुठ मार चुका था.

उसने कहा कितनी देर और करोगे?

मैंने कहा थोड़ी देर और.

उसने कहा मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा है.

मैंने कहा कोशिश करता हूं स्पीड तेज कर रहा हूं संभाल लेना.

मैंने स्पीड तेज कर दी एक मिनट में ही चुदाई ने फुल स्पीड पकड़ ली, लेकिन यह मेरे लिए ज्यादा दर्द भरा था लंड जोर जोर से जलन कर रहा था. खास कर वहा जहा उसका दांत लगा था, लेकिन मैं धक्के मारता रहा. उसके मुह से दर्द भरी सिसकियां निकलती रही. थोड़ी देर बाद मैंने लंड निकालकर उसके बूब्स पर जड़ गया.

लंड अब थोड़ा सा उसके खून में सना हुआ बाहर आया और मेरे पानी में भी मिक्स हो गया था.

फिर उसने खुद को साफ किया और कपड़े पहने, मैंने टाइम देखा तो लगभग २ घंटे बीत गए थे.