दोस्त की बहन की सिल तोड़ी उसकी शादी के पहले

दोस्तो, मेरा नाम अगम है (बदला हुआ नाम). मैं 12 वीं क्लास में पढ़ता हूँ. मेरा एक दोस्त है, उसका नाम हर्ष है. उसकी एक बहन है, जो ग्रेजुयेशन कर रही है. उसका नाम विया है ये भी बदला हुआ नाम है.

एक दिन मैं अपने दोस्त के घर गया. मैंने उसे आवाज़ लगाई तो उसकी बहन बाहर आई. उसने मुझे अन्दर बुलाया और मेरे दोस्त वाले कमरे में मुझे ले जाकर बैठाते हुए बोली कि तुम बैठो, वो अभी थोड़ी देर में आ ज़ाएगा, उसने मुझसे कहा था कि यदि मेरा दोस्त आए तो उसे अन्दर बिठा लेना.
मैं वहां बैठ गया.

तभी वो मेरे से बोली कि बाहर का गेट बंद कर दो, आज घर पर कोई नहीं है.
मैंने गेट बंद कर दिया.
वो मेरे से बात करने लगी, बातों बातों में उसने मुझसे पूछा- तेरी कोई जीएफ है?
तो मैंने झूठ बोल दिया कि नहीं है.
फिर उसने कहा कि क्यों नहीं है?
मैंने कहा- अब तक कोई अच्छी लड़की नहीं मिली.
वो बोली कि तेरे को किस तरह की लड़की चाहिए?
मैंने कहा- आप जैसी.
तब वो शर्मा गई और रसोई में चली गई.

कुछ देर बाद वो मेरे लिए कोल्डड्रिंक लाई. हम दोनों कमरे में बैठ कर कोल्डड्रिंक पीने लगे. उसने सामने टीवी चला दिया और एक मूवी लगा दी. वो मेरे से बातें करने लगी और हम दोनों जरा ऐसी वैसी बातें, मतलब खुली बातें करने लगे. बाद में वो शादी की बातें करने लगी.

फिर वो बोली कि शादी में क्या होता है? मैंने कहा कि कई रस्में होती हैं.
वो बोली- नहीं.. रस्मों के बाद?
मैंने कहा- कुछ नहीं.
वो बोली कि रात में क्या होता है मतलब फर्स्ट नाइट में?
मैंने कहा- सुहागरात.

तभी टीवी पर मूवी में एक सीन सुहागरात का ही आ गया.
मैंने कहा- ये देखो, यही सब होता है.
वो बोली- तेरे को एक्सपीरियेन्स है?
मैंने कहा- हां.
फिर वो बोली- मुझे बिल्कुल नहीं पता इन चीजों के बारे में.. ना ही मुझे एक्सपीरियेन्स है.
मैंने कहा कि आपको एक्सपीरियेन्स करना है?
वो बोली- हां लेकिन कौन कराएगा?
मैंने कहा कि मैं किस काम आऊंगा.. आपको पहली बार मेरी ज़रूरत पड़ी और मैं मना कैसे कर सकता हूँ.
वो बोली- ओके थैंक्स..
मैंने कहा- कोई बात नहीं.
फिर मैंने कहा- सब कुछ करेंगे न.. ओके?
वो बोली- हां पूरा करेंगे.

फिर मैंने उसके होंठ पर होंठ रख दिए और उसके होंठ चूसने लगा.

वो बोली- मेरी शादी होने वाली है मेरे पति को कोई शक तो नहीं होगा?
मैंने कहा- इससे तो आपको फायदा ही मिलेगा.
वो बोली- तेरे को नहीं?
मैं- नहीं विया.. तेरे को.

मैं फिर से उसके होंठ चूसने लगा और उसे बिस्तर पर लिटा दिया और फिर उसकी गर्दन पर किस करने लगा. तभी उसने मेरे को एकदम से अपने ऊपर से हटा दिया. फिर मैंने उसे सेक्स वीडियो दिखाई, तो वो फिर से गरम हो गई.

मैं फिर उसे किस करने लगा. अबकी बार मैंने उसका कुर्ता उठा दिया और उसकी तरफ देखा तो उसने मुस्कुरा कर हां कर दी. मैंने एक झटके में उसका कुर्ता निकाल दिया और ब्रा के ऊपर से ही उसके चूचे चूसने लगा.

वो मजे से अपने निप्पल मेरे मुँह में दिए जा रही थी. फिर मैंने धीरे से उसकी सलवार उतार दी और उसकी पेंटी पर किस करने लगा. इसी बीच उसने मेरा हाथ अपने चूचों पर खींचा तो मैंने उसकी ब्रा उतारकर फिर से उसके मम्मों को चूसने लगा. अब उसके मुँह से मादक आवाजें निकलने लगीं.

दूध चूसते हुए ही मैंने काम आगे बढ़ाते हुए उसकी पेंटी उतार दी.. और उसकी चुत में उंगली करने लगा. एक पल में ही उसने अपनी चूत फैला दी और मेरी तरफ देखा तो मैं नीचे आ गया और उसकी चुत चाटने लगा.

मैंने जैसे ही अपनी उंगली उसकी चुत जरा अन्दर को डाली, वो बोली कि आह.. दर्द हो रहा है. मैंने समझ गया कि वो वर्जिन माल है.

फिर वो बोली कि तूने मेरे तो सारे कपड़े उतार दिए और खुद क्यों पहन रखे हैं.
मैंने कहा- जान इन्हें तुम ही उतार दो.
उसने पहले मेरी टी-शर्ट उतारी और मेरी जीन्स उतार दी.

अब वो मेरे ऊपर बैठ कर मेरे पूरे शरीर को किस करने लगी. तभी मैंने अपना अंडरवियर उतारा और मैंने अपना लंड उसके हाथ में दिया. वो मेरे लंड को ऊपर नीचे करने लगी.
मैंने कहा इसे अपने मुँह में ले लो.

वो पहले तो मना करने लगी, फिर मैंने कहा- मैं तुम्हारी चुत फिर से चाटूंगा.
इतना कहने पर वो मान गई.. और मेरा लंड चूसने लगी.

कुछ देर बाद वो झड़ गई और बाद में मैं भी झड़ गया.
मैंने उससे कहा कि ज़रा उठो रानी.

वो उठ गई तब मैंने उसकी चुत पर अपना लंड रख दिया. इस पर वो घबरा गई. मैंने उसे समझाया कि कुछ नहीं होगा.

फिर उसकी चुत की फांकों में लौड़े को सैट करके एक ज़ोरदार धक्का दे मारा. इस धक्के से उसकी चुत में मेरे लंड का कुछ हिस्सा अन्दर चला गया. वो चिल्ला पड़ी, उसकी चुत से खून निकलने लगा. वो एकदम से डर गई और चुदाई के लिए मना करने लगी.
वो मरी सी आवाज में कहने लगी कि कुछ हो जाएगा..

मैंने उसकी चुत से खून साफ किया और उसे वर्जिन सेक्स वीडियो दिखाई. उसे दर्द भी हो रहा था और चुदाई की चुल्ल भी थी. वो फिर से लंड लेने के लिए मान गई.

फिर दोबारा से मैंने लंड फंसा कर एक और बम पिलाट धक्का मारा. इस बार मेरा आधा लंड उसकी चूत में चला गया. वो चिल्ला पड़ी पर उसके घर पर चूंकि कोई नहीं था.. तो मैं बेफ़िक्र था.

मैंने एक और धक्का मारा तो वो रोने लगी. तब मैं थोड़ी देर रुक गया और उसके होंठ और मम्मों को चूसने लगा. फिर जब उसका दर्द कम हुआ तो मैं धीरे धीरे धक्के मारने लगा.
वो बोली- मज़ा नहीं आ रहा है, थोड़ा तेज़ धक्के मारो.

मुझे समझ आ गया कि लौंडिया को मजा आने लगा है. बस फिर क्या था, मैं तेज़ धक्के मारने लगा. अब उसे पूरा मज़ा आ रहा था.

कुछ देर बाद वो अकड़ गई और झड़ गई इसके कुछ देर बाद मैं भी झड़ने वाला था.
वो बोली कि अन्दर ही झाड़ दो.. वैसे भी अब मेरी शादी होने वाली है.
मैंने अन्दर ही लंड का रस झाड़ दिया.

कुछ देर बाद मैंने अपना लंड बाहर निकाला और लेट गया.

मैं अपने दोस्ती की बहन को सब छेदों का मजा देना चाहता था तो कुछ समय बाद मैंने उसे उल्टा किया और डॉगी स्टाइल में होने को कहा.

फिर मैंने अपना लंड उसकी गांड पर रखा और ज़ोरदार धक्का मारा. मेरा लंड उसकी गांड में घुसता चला गया. वो चिल्लाई लेकिन मैं नहीं रुका और अपने एक हाथ से उसके मम्मों को दबाने लगा.
साथ ही मैं दूसरा हाथ उसकी चुत में अन्दर बाहर करने लगा. उसे भी दर्द के साथ मज़ा आ रहा था.
वो कुछ ही देर में मेरे हाथ पर झड़ गई और मैं उसकी गांड में झड़ गया.

अब हम दोनों अलग हो गए.

वो बोली कि यार बहुत मज़ा आया.. मेरा तो तुझसे अलग होने का मन ही नहीं कर रहा है.

उसने मेरे और अपने लिए पिज़्ज़ा और बर्गर ऑर्डर किया. जब पिज़्ज़ा वाला बाहर गेट पर आया तो वो मेरी टी-शर्ट और अपना अन्दर कमरे में से लोवर पहन कर बाहर से पिज़्ज़ा ले आई.

हम दोनों ने पिज़्ज़ा खाया. मैं तो पूरा नंगा था तो उसने मेरी गोद में बैठ कर पिज़्ज़ा खाया. मेरा लंड उसकी चुत को स्पर्श कर रहा था. मैं समझ गया कि इसका दोबारा मूड बन गया है.

फिर वो अचानक बाहर गई तो मैं सोचने लगा कि पता नहीं अब क्या हुआ.

तभी वो मेरे सामने वो अपनी बहन का लंहगा पहन कर बाहर आई. वो बोली कि मेरी शादी में इसी तरह का लंहगा बनवाया है, इसलिए मैंने इसे दीदी से यहां मंगवा लिया.
वो इस ड्रेस में एकदम कमाल की लग रही थी.

वो बोली- मैं भी तो देखूँ कि मेरा पति मेरे साथ सुहागरात कैसे मनाएगा. तुम बिल्कुल ऐसे करना जैसे कि हमारी ही सुहागरात है.
मैंने पहले मना किया कि अभी रूको.. थोड़ी देर बाद कर लेना.
वो बोली- नहीं अभी..
तो मैंने कहा- ठीक है.
वो बोली- बिल्कुल सुहागरात वाली फीलिंग आनी चाहिए.
मैंने कहा- ओके.

वो मुस्कुरा दी तो मैं बोला कि तुमने गहने तो पहने ही नहीं हैं.
वो बोली कि मेरे सारे गहने बिल्कुल नए हैं, जो मेरी शादी के लिए हैं.
मैंने कहा कि पहन लो.. पूरी फीलिंग आएगी.
उसने कुछ सोचते हुए ओके कहा.
मैं फिर बोला कि शादी में और उसके बाद वो तुम्हें ही पहननी है.
वो बोली- ओके.

दस मिनट बाद सब कुछ पहन कर आई. फिर मैंने उसे बिठाया और उसके गहने उतारे उसका घूंघट उठाया और फिर उसे किस करने लगा. वो सकुचाते हुए एक्टिंग कर रही थी. मैंने उसका ब्लाउज उतारा और उसका लहंगा भी उतार दिया. फिर उसकी ब्रा पेंटी उतारी और चुदाई के एक राउंड ले लिए तैयार हो गया. मैंने अपना लंड उसकी चुत में डालकर उसके ऊपर चढ़ गया. धकापेल चुदाई के बाद हम दोनों चिपक कर लेट गए.

कुछ देर बाद वो बोली कि मैं नहा कर आती हूँ.
मैंने कहा कि नहाना तो मुझे भी है.

मैं और वो दोनों नंगे ही बाथरूम में चले गए. फिर हम नहाने लगे.
वो बोली कि मुझे अपनी चुत में साबुन लगानी है.. कैसे लगाऊं?
मैंने कहा- मेरे लंड को पकड़ो और इस पर साबुन लगाओ.

उसने मेरे लंड पर साबुन लगाया. फिर मैंने अपना लंड उसकी चुत में डाल दिया. वो बोली- अब लंड से चुत को रगड़ो.
मैं उसकी चूत में धक्के देने लगा. वो मादक आवाजें निकालने लगी ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’

मैंने शावर खोल दिया और धकापेल चुदाई शुरू हो गई. फव्वारे के नीचे चुदाई का मजा बेहतरीन था. कुछ देर बाद वो अकड़ गई और मैंने भी अपना रस उसके अन्दर झाड़ दिया.

हम दोनों नहा कर बाहर आ गए. मैं तैयार हुआ और जाने लगा.

उसने अपना नंबर दिया और बोली कि जब भी मैं अकेली होऊंगी, तेरे को फोन करूँगी.. तू घर आ जाना.
मैंने कहा- ओके.
और मैं खुशी खुशी अपने घर आ गया.
उस दिन के बाद जब भी हमको मौका मिलता है.. मैं उसे चोद देता हूँ.