बगीचे में मामी को चोदकर उनका दर्द दूर किया

मैंने कहा : मेरा मतलब आप के दूध से है.

मामी झूठ मूठ का गुस्सा करते हुए, तू क्या बोल रहा है? मैं तेरी मामी हूं.

मैंने कहा : लेकिन उससे पहले आप एक औरत हो, वह भी जवान और मस्त.

मामी ने कहा : जवान और मैं? जवान तो तू है.

मैंने कहा नहीं मामी आज से पहले मैंने आप के जैसी सुंदर औरत नहीं देखी हैं.

मामी ने कहा : मेरे पास भला कौन सा आम है?

मैंने कहा : मैंने मामी की चूची की तरफ इशारा किया.

तो मामी शरमा गई.

मैंने कहा : मामी एक बार मुझे छूने दो ना.

मामी ने कहा : नहीं कोई देख लेगा.

मेने कहा अभी कोई नहीं है प्लीज मामी.

मामी ने कहा ठीक है और मामी ने अपना ब्लाउज उतार दिया.

मैंने मामी की ब्लाउज में हाथ डाल कर उसे चूमने लगा और दूध पीने लगा. मामी भी धीरे धीरे गर्म होने लगी थी.

फिर मैं मामी के होठो को भी चूसने लगा और मामी के दूध को भी दबा रहा था. मामी भी पूरा साथ दे रही थी. मामी ने कहा आम तो देख लिया अपना केला नहीं दिखाओगे.

मैंने कहा पर गार्डन में तो अभी केले हुए ही नहीं है. इस पर मामी ने मुझे एक थप्पड़ मारा और कहा बेवकूफ मैं तेरे केले की बात कर रही हूं.

मामी ने मेरा पेंट उतार दिया और मेरा लंड फनफना के बाहर को निकल गया. मामी ने कहा वाह तेरा लंड तो बहुत ताकतवर लगता है, और मैंने कहा मामी इसे चुसो ना.

मामी ने भी पटक से अपने मुंह में लेकर मेरे लंड को चूसने लगी. मामी चूसने में बहुत एक्सपर्ट थी, और मैं मामी के दूध को पी रहा था. मैने कहा आप लोग तो जमींनदार हो, इस पर मामी ने कहा हमारे पास बहुत खेत है. मैंने कहा जूठ, इस पर मामी बोली नहीं सच में. मैंने कहा तो फिर दिखाओ.

तो मामी ने कहा : कल दिखा दूंगी.

मैंने कहा : नहीं अभी. मुझे अपना खेत दिखा दो. मेरे पास हल भी तो है.

मामी समझ गई और बोली हल तो हे खेत की जुटाई भी तो करेगा, पर यहां कोई देख लेगा तो?

मैंने कहा कोई नहीं देखेगा.

इतना सुनते ही मामी ने लंड मुह से निकालकर अपनी साडी को कमर के ऊपर कर दिया और कहा जो करना है कर ले, पर पूरी साड़ी नहीं उतारूंगी.

में मामी की जाटो भरी बुर को पहली बार देख रहा था. मैं मामी की बुर को चाटने लगा और मामी ने कहा तेरे मामा तो मेरी बुर को चाटते ही नहीं है, बस सीधे लंड अंदर डाल देते हैं. मैंने कहा मैं आपको ऐसा मजा दूंगा आप कभी नहीं भूलेंगे. मैं मामी की बुर में अपनी दो उंगली डाल के अंदर बाहर करने लगा और मामी सिसकियां देने लगी.

मामी ने कहा अब बर्दाश्त नहीं होता, चोद दे अपनी मामी को, बना ले अपनी रखेल.

मैंने कहा रखेल नहीं रानी. मैं अपना लंड मामी की बुर पे रगडने लगा और मामी इतनी कामूक थी कि उसने अपनी कमर झटके से ऊपर उठा के मेरा आधा लंड अपनी बुर में ले लिया. मामी कहने लगी अहह औउ ह अहह मजा आ गया तेरा लंड बड़ा मस्त है. मैंने कहा अभी तो आधा ही गया है आपके बुर में. मामी ने कहा तब तो तेरा लंड मेरी बुर का आज कचूमर निकाल देगा. मैंने अपना लंच पूरा मामी के बुर में पेल दिया. उनके मुंह से चीख निकल गई, मैं थोड़ा शांत हुआ फिर मैंने धीरे धीरे अपनी स्पीड बढ़ा कर मामी को चोदने लगा.

मामी ने कहा आज तक तु कहां था, मेरी बुर इस लंड के लिए तरस गयी थी. आऊ अऊ अहह अम्म्म औऊ अह्ह्ह.

मैं अपनी पूरी स्पीड पर मामी को चोदे जा रहा था. मैंने कहा मामी अब आप पलट जाओ. मामी ने कहा नहीं मुझे गांड नहीं मरवाना. मैंने कहा ठीक है पर मैं आपकी बुर पीछे से चोदुंगा. मामी पीछे घूम गयी. मामी की गांड देखकर मेरा लंड तरस गया.

मामी के बड़े बड़े बाल को में अपने हाथों में लेकर मामी को पीछे से चोदने लगा. मामी आह्ह मैंने ऐसा पहले कभी नहीं चुदवाया. बहुत मजा आ रहा है. चोद एकदम जी भर के चोद.

मैंने कहा कि मैं अब जडने वाला हूं. मामी ने कहा मैं भी. तू मेरे बुर में ही अपना पानी गिरा दे. और २ मिनट के बाद मैं मामी की बुर में और थोड़ा उनके मुंह में जड़ दिया क्योंकि उनको मेरा पानी का स्वाद टेस्ट करना था. फिर आधे घंटे आराम कर के हम घर चले आए.