मेरा सच्चा प्यार भाभी के साथ

वो दिन आ गया, जिसका हमें इन्तजार था. फिर 25 मई 2016 बुधवार को उस दिन मैं उसके मायके वाले घर गया था. उसके मायके के घर पर कोई भी नहीं था. मैं उसकी पसन्द की मिठाई नमकीन और एक बियर लेकर गया था. मेरे लिए तैयार हो कर मेरा इन्तजार कर रही थी. उस दिन उसने ब्ल्यू कलर का गाउन पहन रखा था. उस गाउन में वो बहुत सेक्सी लग रही थी. उसके गोल गोल चुचे बहुत अच्छे लग रहे थे. उसने मेरे लिए उसने मेरी पसन्द का खाना बनाया था. हम दोनों ने खाना खाया. उसके बाद मैंने उसको मिठाई खिलाई और हम दोनों ने बियर पी ली. हम दोनों हल्के नशे में हो गए थे. फिर हम दोनों से ही इन्तजार नहीं हो रहा था.

हम दोनों खाना खाने के बाद बिस्तर पर आ गए. उस दिन उसने मुझसे वादा किया था कि आज मैं आपको एक पति के रूप में देखना चाहती हूँ. आप मेरी मांग में सिंदूर भरो. उसे पता था कि उसकी जान उसका साथ कभी नहीं छोड़ेगा. मुझे भी उस इतना भरोसा था कि वो मेरा लाईफ में कभी मेरा साथ नहीं छोड़ेगी. उसने हमेशा की तरह एक वादा किया कि चाहे दुख हो सुख हो, वो मेरा हमेशा इस भरी दुनिया में मुझे हारने नहीं देगी, टूटने नहीं देगी.

मैंने भी वादा किया. फिर मैंने उसकी मांग में सिंदूर भर के उसे अपना बना लिया. वो बहुत खुश थी जैसे उसे दोबारा नई जिन्दगी मिली हो. मैं भी उसके साथ बहुत खुश था. मैं उसे किस करने लगा. वो मुझे किस कर रही थी. हम दोनों एक दूसरे को बेताबी से किस करते हुए प्यार कर रहे थे.

हमने उस दिन बहुत सारी किस की. उसकी सांसें तेज हो रही थीं, वो काफी गर्म हो चुकी थी. वो मेरे कान में फूंक मारने लगी. मुझे गुदगुदी होने लगी. हमारी सांसें तेज होने लगीं, किस करते हुए मैं उसकी जांघों को सहलाने लगा. साथ में उसके मम्मों को दबाने लगा. उसकी मादक सिसकारियों से पता चल रहा था कि अब वो लंड लेने के लिए तैयार है. मैं उसके मम्मों के चूचुकों पर मुँह लगाकर उसके मम्मों को दबाने लगा, चूचुकों को पीने लगा, चूसने लगा.

वो मेरा सर पकड़ कर उसको अपने मम्मों दबा रही थी. हम दोनों को पता नहीं चला कि कब हमारे कपड़े उतर गए. हम दोनों किस करते हुए बस बेसुध हुए पड़े थे. उसने मेरे सारे शरीर पर किस किए. मैंने भी उसके सारे नंगे शरीर पर किस किए. फिर उसने मेरा लंड चूसा. क्या मजे से वो मेरा लंड चूस रही थी. मानो बहुत दिनों से वो मेरे लंड की प्यासी हो. वो भूखी शेरनी की तरह 20 मिनट तक मेरा लंड चूसती रही. मेरा सारा पानी उसके मुँह में भर गया. वो पूरा पानी अपने अन्दर पी गई.

फिर मैं उसकी चुत में उंगली करने लगा. उसकी चुत में उंगली करने के साथ साथ मैं उसके मम्मों को भी खा रहा था. उसकी गुलाबी रंग की चिकनी चुत … क्या कयामत चुत थी. एक भी बाल नहीं था. उसने आज ही चूत साफ की थी.

फिर हम दोनों ने एक दूसरे की जीभ को चूसते हुए किस करना शुरू किया. मेरा लंड फिर खड़ा हो गया.

वो मेरे लंड इस तरह से चूस रही थी कि मैं जन्नत का मजा ले रहा था. मैंने उसके पूरे शरीर पर किस किया. उसकी फुद्दी पर किस किया. उसकी फुद्दी पूरी तरह से गीली हो रही थी. मैं उसको किस करते हुए तड़पा रहा था. वो जोर जोर से चिल्ला रही थी.

मैंने थोड़ा सा उसके पैरों को ऊपर उठाते हुए फैलाया और उनकी चूत के मुँह में लंड का टोपा लगा दिया. अभी वो कुछ सम्भलती कि मैंने सीधे एक बार में पूरा लंड घुसेड़ दिया.
उसके मुँह से बहुत तेज ‘आह आहह.. मर गई..’ की आवाजें आने लगीं. वो चूत में लंड जाने से इतने तेज दर्द से कराह रही थी.. जैसे ना जाने कब से ना चुदी हो. शायद उसके पति ने उसको चोदना छोड़ दिया था.

फिर मैं ऐसे ही ज़ोरदार धक्के लगाता रहा और फिर 15 मिनट तक ऐसे ही चोदता रहा. पूरे कमरे में सिर्फ़ हमारी कामुक सीत्कारियों की आवाज़ आ रही थी.

कुछ ही पलों बाद उसकी गुलाबी चूत ने कामरस छोड़ दिया था, जिस वजह से रूम में फच्छ फ़च्छ.. की आवाजें आने लगी थीं. कुछ ही समय बाद वो फिर से गरम हो गई और मेरा साथ देने लगी. लेकिन जल्दी ही वो दुबारा से झड़ने वाली थी. उसका शरीर फिर से कड़ा होने लगा था. उसने अपनी गांड को उठाते हुए मुझसे कहा- आह और ज़ोर से चोद मेरी जान.. आज फाड़ दे मेरी चूत को!

उसकी गरम बातों को सुन कर मुझे भी जोश आ गया. मैं भी पूरी ताकत से उसकी चूत में लंड लेकर पिल पड़ा. थोड़ी देर बाद मैंने उसके पेट पर अपना वीर्य छोड़ दिया. उसने भी कुछ नहीं बोला. फिर उसने मेरे लंड में लगे वीर्य को मुँह में लेकर साफ किया.

उसके बाद मैं ऐसे ही कुछ देर तक ऐसे ही रहा. लेकिन कुछ ही पलों में मेरे लंड में फिर से जोश आ गया. अब मैंने अपनी उसको कुतिया के अंदाज में चोदा. इस बार भी मैंने अपना रस उसकी पीठ पर गिरा दिया. मुझे लगता था कि इसके पति की गैरमौजूदगी में यदि ये पेट से हो गई, तो हमारा प्यार बदनाम हो जाएगा. लेकिन तब भी जब भी मैं अपना वीर्य उसके अन्दर नहीं गिराता था तब वो एक दर्द सा महसूस करती थी. उसके चेहरे से लगता था कि वो कुछ कहना चाहती है, लेकिन वो कुछ नहीं कह पाती थी.