पंजाबी माल लड़की ने दूधवाले अंकल का लंड लिया

दोस्तो, मैं सुम्मी कौर (बदला हुआ नाम). मैं 22 साल की हूँ, एकदम गोरी चिट्ठी माल हूँ.
मेरा फिगर 34-26-36 का है और हाइट 5 फुट 6 इंच की है.

आप सब यह तो समझ ही गए होंगे कि मैं दिखती बड़ी कमाल की हूँ.
कोई मर्द मुझे एक बार देख भर ले तो उसका लंड खड़ा हो जाएगा, मैं इसकी गारंटी दे सकती हूँ.

कॉलेज गर्ल पोर्न स्टोरी दो साल पहले तब की है, जब मैं कॉलेज में पढ़ा करती थी.

मैं अपने मम्मी पापा के साथ रहती हूं. अकेली बेटी हूँ इसलिए घर वाले मुझसे बहुत प्यार करते हैं.
मेरे मम्मी पापा दोनों बैंक में नौकरी करते हैं इसलिए ज्यादातर समय मैं घर में अकेली ही रहती हूं.

वैसे तो मैं बहुत बार चुद चुकी हूँ मगर मेरी फुद्दी में हमेशा खुजली मची रहती.

जब मैं इंटर में थी, तब मेरे ब्वॉयफ्रेंड से ब्रेकअप हो गया था क्योंकि वह मुझे धोखा दे रहा था.

मगर उसके जाने के बाद तो मेरी चूत की खुजली और बढ़ गयी और इसी कारण मैं एक तगड़े लंड की तलाश में थी जो मेरी प्यास बुझा सके.

फरवरी का महीना था. शाम के 4 बज रहे थे और मैं घर में अकेली.

मेरी चूत में आग लगी हुई थी, तो मैं पूरी नंगी हो गयी और फ्रिज से खीरा निकाल कर अपनी चूत में रगड़ने लगी.
तभी अचानक डोरबेल बजने लगी.

मैं हड़बड़ाती हुई अपने कपड़े पहन कर दरवाज़े की तरफ बढ़ी.

दरवाज़ा खोला तो सामने दूध वाला खड़ा था.
उसे सब कालू कह कर बुलाते थे.

कालू लंबा चौड़ा 36-37 साल का होगा, हमेशा धोती में रहता था.

मैंने सुना था कि वह बहुत ही हरामी आदमी था. मुहल्ले की सब औरतों और लड़कियों को ऊपर से नीचे नापता रहता था.

मैं वापस किचन में गयी और दूध के लिए एक बर्तन ले आयी.
मुझे समझ नहीं आया कि वह इतना मुस्कुरा क्यों रहा है.
मुस्कुराते मुस्कुराते वह नीचे बैठ गया और दूध बर्तन में डालने लगा.

मैं बर्तन लेने के लिए नीचे झुकी, तभी मुझे ध्यान आया कि मैंने तो ब्रा पहनी ही नहीं है और कुर्ती से मेरी चूचियां और मेरे निप्पल एकदम साफ दिख रहे हैं.
तो मैं हड़बड़ा कर दूध लेकर जाने के लिए पीछे मुड़ गयी.

तभी पीछे से आवाज आयी- अरे सुनिए मेमसाब!
मैं जैसे ही पीछे मुड़ी तो देखा वह हमारे दरवाज़े के अन्दर पहुंच चुका था और उसने अपनी धोती जानबूझ कर गिरा दी.

एकाएक मेरी नजर सीधे उसके लंड के तरफ जा अटकी.
उसका लंड पूरा तना हुआ था. एकदम काला और बहुत ही बड़ा और भयानक लौड़ा लग रहा था.

मेरे तो होश उड़ गए.
ज़िन्दगी में पहली बार इतना बड़ा लंड देख कर मेरा नशा फट गया.

मेरी तो नजर नहीं हट रही थी.

तभी वह बोला- कैसा लगा मेरा औजार छोटी मेमसाब?
यह इतना अचानक से हुआ कि मैं तो एकदम हक्का बक्का रह गयी.

मैं जैसे तैसे अपना होश सम्भालती हुई बोली- छी … ये क्या कर रहे हैं आप?
उसने मुझे छेड़ते हुए कहा- गर्मी बहुत बढ़ गयी है ना मेमसाब.

मैं पूरी घबरा गई मगर फिर इतना बड़ा लंड देख कर मेरी हवस मुझ पर हावी होने लगी.

मेरी हालत वह समझ चुका था और मेरा मन भी लंड देख कर भटक चुका था.
मुझे लंड की जरूरत थी, तो मैंने भी मौके का फायदा उठाने का सोचा.

फिर अगल बगल देख कर उसे घर के अन्दर आने का कह कर दरवाज़ा लॉक कर दिया.

मैं किचन में दूध रख आयी और बाहर आकर उसका हाथ पकड़ कर सीधे उसे अपने कमरे में ले गयी.

उसने मुझे धक्का दे दिया.
मैं सीधे अपने बेड पर जा गिरी.

वो साला जानवरों की तरह मुझ पर टूट पड़ा, मेरे होंठ चूसते हुए मेरी कुर्ती को उतार फैंका.

मेरी नाज़ुक चूचियां पूरी की पूरी नंगी उसके सामने आ गईं.
मेरी चूचियों को वह जोर जोर से दबाने लगा; मेरे निप्पल को मुँह लगते हुए जोर जोर से चूसने दबाने और काटने लगा.

रगड़ रगड़ कर और चूस चूस कर उसने मेरी चूचियां लाल कर दीं.
कहते हैं ना कि दर्द में ही मज़ा है. मैं अपनी आंखें बंद करके पूरा मज़ा ले रही थी.

मेरे गाल, होंठ, मेरे अंडरआर्म्स, मेरी चूचियां, नाभि, पूरी गोरी देह को उसने मानो चाट खाया था.

चूसते चाटते वह मेरी पैंटी तक पहुंच गया.
मैं पूरी नंगी हो चुकी थी. बस अब मैं उसके सामने बस पैंटी में थी.

वह मेरी पैंटी के ऊपर से ही मेरी चूत को सहलाने और सूंघने लगा.
उसकी ये हरकत मुझे उत्तेजित कर रही थी.

अचानक से उसने एक झटके में उसने मेरी पैंटी फाड़ दी और मेरी बिना बालों वाली गुलाबी चूत उसके सामने आ गयी.

वह बोलने लगा- वाह छोटी मैडम, तुम्हारी चूत तो बहुत ही मस्त है. एकदम गुलाबो लग रही है … आज तो मजा आ जाएगा.
तब मैंने कालू को मुझे सुम्मी ही कह कर पुकारने को कहा और बोली- आज मैं तुम्हारी हूँ राजा, मुझे जन्नत की सैर करा दो.

ये सुनते ही वह पूरा नंगा हो गया.
बहुत ही ताकतवर लग रहा था.
उसके लंड का तो क्या कहना, साला एकदम मूसल सा लौड़ा था.

मैं पूरी गर्म हो चुकी थी और मेरी चूत पूरी की पूरी गीली.
वह मेरी गुलाबी चिकनी चूत देख कर पागल ही हो गया.

वह बोला- वाह सुम्मी रानी, क्या मस्त चूत है तुम्हारी … आज तो इसे रगड़ कर चोदूंगा.
बस वो पागलों की तरह किसी भूखे भेड़िये की मानिंद मेरी चूत पर टूट पड़ा.

उसका मुँह और जीभ चूत पर लगते ही मेरी तो आंखें आनन्द से बंद होने लगीं.

मेरी गुलाबी चूत को वह ऐसे चाटने लगा मानो कोई रसमलाई मिठाई हो. वो कभी मेरी गांड के छेद को चाटता, तो कभी मेरी चूत को.

इस मीठे अहसास से मैं तो पागलों की तरह छटपटाने लगी.
मेरे मुँह से ‘ऊऊम्म ऊफ़्फ़ आह …’ की मादक आवाज निकलने लगी.
मेरी चूत झर झर पानी छोड़ने लगी.

इसी क्रम में अचानक से मेरी पेशाब झर झर करती हुई निकल गई और वह अमृत की तरह सब कुछ पी गया.
ज़िन्दगी में पहली बार किसी ने मेरी चूत चाट कर ही मुझे इतना मज़ा दिया था.

उसके सर को मैं अपनी दोनों टांगों के बीच जोर जोर से दबाने लगी और वह मेरी चूत और गांड का रसपान करने लगा.
कुछ ही देर में मेरा पूरा शरीर अकड़ गया और मैं झड़ गई.

अब मुझसे और रहा नहीं जा रहा था, बस ऐसा लग रहा था कि वह मेरी चूत में अपना लंड घुसेड़ दे.

उसका 8 इंच का काला लंड, सांप की तरह फनफना रहा था.
इतना बड़ा लंड देख कर मेरी तो हालत ही खराब हो गयी थी.
दिल धक धक करने लगा था मगर साथ ही उत्तेजना से मुँह में और चूत में पानी आने लगा.

कालू बोला- सुम्मी इसको सहलाओगी, तब न ये बिल में घुसेगा.
मैंने झट से उसके लंड को अपने हाथ में ले लिया.

लोहे जैसा कड़क और एकदम गर्म लंड मेरे हाथ में आ गया था.
उसका टमाटर जैसा सुपारा बाहर निकल आया था और चमकीली बूंदों से लबरेज था.

मैं कालू के काले लंड को ऊपर नीचे करते हुए मस्ती से सहलाने लगी.

उसका लौड़ा पूरा काला और बहुत ही बड़ा व मोटा, एकदम गधे का लंड लग रहा था.
मैं उसके लंड को चूसने के लिए अपने मुँह में डालने लगी मगर उसका लंड इतना बड़ा था कि आधा लंड भी बड़ी मुश्किल से मेरे मुँह में जा पा रहा था.

कालू अंकल अपनी आंखें बंद करके कहने लगा- आह सुम्मी चूसो और अच्छे से चूसो.

मैं घुटनों के बल बैठी थी. वासना के जोश में होने के कारण मैं अपने गले तक उसके लंड को घुसाने की कोशिश कर रही थी.
साथ ही जब लंड अन्दर नहीं जा पाता तो मैं उसके बड़े बड़े आंड चूसने लगती थी.

तभी वह मेरे बालों को पकड़ कर मेरे मुँह को ही चूत समझ कर चोदने लगा.
मेरे मुँह से ‘गौं … गौं शुरूप … शुरूप …’ की आवाजें आने लगीं.

अब उसका मूसल सा लंड मेरे आधे गले तक पहुंचा जा रहा था.
मेरी सांसें रुकने लगी थीं मगर कालू अंकल अपना पूरा लंड मेरे गले में पेले जा रहा था.
उसका लंड मेरे थूक से एकदम चिकना हो गया था.

फिर उसने मुझे अपनी बांहों में किसी खिलौने सा उल्टा उठा लिया और वो फिर से मेरी गुलाबी चूत को चाटने लगा.

फिर मैं सीधी हुई और उसके होंठों से होंठ मिला कर उसका पूरा साथ देने लगी.
मेरे गुलाबी होंठों को कालू अंकल इतने जोर जोर से चूस रहा था, ऐसा लग रहा था जैसे साला मेरी सांस ही खींच लेगा.

मुझसे अब और रहा नहीं गया तो मैंने उससे कहा- राजा, प्लीज मेरी चूत में अपना लंड पेल दो, बड़ी आग लगी है.
यह सुनते ही उसने मुझे अपनी पकड़ से छोड़ा और मुझे मेरे बिस्तर पर लिटा दिया; साथ ही उसने मेरी कमर के नीचे एक तकिया लगा दिया.

मेरी चूत पूरी गीली होकर ऊपर उठ चुकी थी; वह मेरी चूत के ऊपर अपना लंड रगड़ने लगा.

उसका मोटा सुपारा मेरी चूत को इतनी कड़क तरीके से रगड़ रहा था कि मेरा दिल जोर जोर से धड़कने लगा.
उत्तेजना से मेरी चूत फड़क रही थी.

मैंने उससे आराम से करने को कहा क्योंकि उसका लौड़ा बहुत बड़ा था, मुझे डर था कि कहीं मेरी चूत के चिथड़े न उड़ जाएं.

वह बोला- सुम्मी, तुम चिंता मत करो … आज तुम्हें ज़बरदस्त मजा आने वाला है.
ये कह कर कालू अंकल धीरे धीरे अपना लंड मेरी चूत में घुसाने लगा.

जैसे ही उसका हब्शी लंड चूत के अन्दर जाने लगा, मेरी चूत चिरने सी लगी और दर्द के मारे मेरी हालत खराब हो गयी.
मैंने उससे रुकने को कहा मगर अब वो मानने वाला कहा था.

अचानक से उसने एक ही झटके में अपने लंड मेरी चूत की संकरी नाली में घुसा दिया.

इस अचानक हुए हमले को मैं सह नहीं पायी.
मेरी चीख निकल गयी ‘हाय आआह आई … मर गयी मम्मी रे आह मेरी फट गई … ऊऊई मां बचा लो … मेरी चूत फट गयी … आंह मार डाला रे … साले कुत्ते इतने जोर से अचानक से क्यों घुसा दिया आंह मर गयी आआह बहुत दर्द हो रहा है आआह निकालो इस मूसल को … आह आउच आउच आह सच में अपने लंड को जल्दी निकालो दर्द दे रहा है … ओह माई गॉड साले हरामी जल्दी निकालो प्लीज प्लीज.’

मेरी आंखों से आंसू बहने लगे और मैं मछली की तरह छटपटाने लगी मगर मुझे वह छोड़ने वाले थोड़ी था.

उसने अपने भारी भरकम शरीर से मुझे मुझे अपने नीचे दबा लिया और मेरी कलाइयों को उसने जोर से पकड़ लिया.
इस कारण मैं अब हिल भी न पा रही थी.

वह बोला- अरे मुनिया अभी काहे चिचिया रही हो … अभी तो आधा डंडा ही अन्दर गया है.
ये सुनते ही मेरी तो हालत और खराब हो गयी. मुझे ऐसा लग रहा था मानो मेरी जान ही निकल जाएगी.

वह बोला- मजा लेना है तो दर्द तो सहन करना पड़ेगा.

बात तो उसने बहुत ही सही बोली थी मगर ज़िन्दगी में पहली बार इतना मोटा और बड़ा लंड मेरी चूत में जा रहा था.

वह रुक गया और मेरे चूचियों और होंठों को चूसने लगा.
कुछ देर बाद जब मैं थोड़ा शान्त हुई तो साले हरामी ने फिर से एक जोरदार झटका मार दिया और अपना पूरा गधे जैसा 8 इंच का लंड मेरी चूत के अन्दर उतार दिया.

और मैं चीख पड़ी- ओह माई गॉड अह हअअ … अह मार ही डालोगे … तुम अअह … बहुत दर्द दे रहा है हाय साले हरामी … मेरी चूत को फाड़ डाली रे!
मैं रोने लगी मगर उसे कोई फर्क नहीं पड़ रहा था. मेरी छोटी सी चूत में इतना बड़ा लंड मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मेरी पहली बार चुदाई हो रही है.

अब वह अपना लंड अन्दर बाहर करने लगा.
मेरी चूत अब धीरे धीरे उसके लंड के आकार में खुद ढल गई और वह धक्का मारने लगा.
फच फच की आवाजें आने लगीं.

अब मुझे भी मजा आने लगा और मेरी गांड अपने आप उठने लगी.
वह समझ गया कि मुनिया अब पूरी चुदने के लिए तैयार है.

अब उसके धक्के और तेज होने लगे और मैं जोर जोर से बड़बड़ाने लगी ‘उई आह्ह उह्ह … स्सिस … सिस्सीसी चोदो तेज … ऐसे ही आह्ह … ह्ह्ह्ह उईई सीसी चुद गयी हाथी के लंड से … आंह मैं गयी अह्ह्ह …’

वो हंस रहा था- साली हाथी का लंड देखा भी है … घुसेगा तो तेरी चटनी बन जाएगी.
मैं भी हंसती हुई जोर जोर से चिल्लाने लगी- आंह कालू अंकल … चोदो मेरे राजा अह चोदो मुझे … आआह और जोर जोर से चोदो मुझे … मेरे राजा मेरी चूत का भोसड़ा बना दो … मैं तुम्हारी हूँ आह!

मैं पूरी चुदाई की वासना में डूब चुकी थी और अपना पूरा होश खो चुकी थी, बस बड़बड़ाए जा रही थी.
उसके लंड से मिली खुशी ने मुझे पागल कर दिया था.

उसका हब्शी लंड मेरे बच्चेदानी तक पहुंच रहा था.
मुझे हर धक्के में चरम सीमा तक पहुंचा रहा था.

जब भी उसका लंड अन्दर से बाहर की ओर निकलता था तो मुझे हर बार ऐसा लग रहा था जैसे मेरी पेशाब निकल जाएगी.
उसका गधे जैसा लंड चूत की फांकों को रगड़ते हुए मुझे झड़ने को मजबूर कर दे रहा था.

तभी उसके धक्कों की रफ्तार और तेज हो गयी थी.
उसके हब्शियों की तरह से चोदने का तरीका बड़ा ही मजेदार था. हाय … मेरी आंखों के सामने अंधेरा छा गया था.
मेरा पूरा शरीर एकदम से अकड़ गया था और मेरे कंठ से सिर्फ कामुक आवाजें ही निकल रही थीं.

उन्हीं आवाजों के साथ मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया मगर उसने मेरी चूत की चुदाई जारी रखी.

कुछ देर धकाधक रफ्तार में चोदने के बाद जैसे ही उसने अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकाला, मेरी पेशाब की धार भी छर्र करते हुए निकल गयी और मैं निढाल हो गयी.

यह देख कर कालू बोलने लगा- वाह मुनिया क्या बात है तुम्हारी चूत तो आग के साथ साथ अमृत भी उगल रही है.
वह मेरी चूत की दाने को रगड़ते हुए मेरी चूत और गांड को चाटने लगा.

कुछ देर चाटने के बाद उसने अपने लंड पर थूक लगाया और मुझे घोड़ी बनने को कहा.
मैं पलट कर अपनी गांड उठाते हुए घोड़ी बन गयी.

वह मेरे पीछे आ गया और उसने अपना लंड फिर से मेरी चूत के छेद में घुस दिया.
उसने मेरे बालों को पीछे से पकड़ कर मुझे कुतिया की तरह धकाधक चोदना चालू कर दिया.

वह बोलने लगा- वह मेरी मुनिया क्या चूत है तुम्हारी … आज तो इसकी पूरी सर्विसिंग करूंगा … आह बड़ा मजा आ रहा है मुनिया आह … उफ्फ्फ्फ़ साली. कुतिया … छोटी सी चूत वाली रंडी ये ले … चुद मां की लौड़ी लौड़ा खा … आह … तेरी मां की चूत … साली रांड आज तुझे चोद चोद कर नंगी नचवाऊंगा … साली चुदक्कड़ कुतिया.

ऐसा लग रहा था, जैसे कालू ने चूत चोदने में पीएचडी कर रखी हो.
पूरा कमरा बस चुदाई की ‘फच फच थप थप … आआह … आह ऊफ़्फ़ … की आवाजों से गूंजने लगा था.

मेरी हालत फिर से खराब होने लगी.
मैं थरथराने लगी. मेरे मुँह से फिर से हवस भरी आवाजें निकलने लगीं.

‘आआह मेरे कालू राजा ऊफ़्फ़ … कुतिया की तरह चोदो मुझे उम्म … मैं हमेशा के लिए तुम्हारी रांड हूँ मेरे राजा चोद दो मेरी मक्खन सी चूत का काम उठा दे आंह … आज मर्द मिला है.’

इसी तरह की कामुक आवाजें करते हुए मैं फिर से झड़ गयी.
मैं तीन बार झड़ चुकी थी मगर साले का लंड था कि मशीन, पानी निकलने का नाम ही नहीं ले रहा था.

हम दोनों पूरे पसीने से भीग चुके थे. वो लगातार रगड़ते हुए मेरी चूत पेलता रहा.
उसने कम से कम 25 मिनट लगातार चोदा, उसके बाद उसने अपना लंड मेरी चूत से निकाला.

जब मैंने अपने चूत को छूकर देखा, तब मुझे पता चला कि मेरी चूत की हालत क्या हुई है?

उसने मेरे बाल पकड़ कर मुझे उठाया.
मैं अपने घुटनों के बल आ गई और जोर जोर से उसके लंड को मुँह में गले तक लेकर चूसने लगी.
वह लंड चुसवाता हुआ बोलने लगा- वाह मेरी सुम्मी, मेरी मुनिया क्या लंड चूसती हो … आह आज तो मज़ा आ गया. साली तू इतनी खूबसूरत है कि जब भी तुझे देखता था, तो लगता था कि वहीं पटक कर तुझे चोद दूँ. मगर तू इतनी बड़ी छिनाल है, तुझमें इतनी हवस है ये तो मैंने सोचा ही नहीं था.

मैं बोली- अब पता चल गया न मेरे राजा, मैं लंड की भूखी हूँ और तू अब मेरा राजा है. मैं तुम्हारी रखैल बन गई हूँ. अब जब चाहे मुझे चोद लेना, तुमने तो मुझे अपना दीवाना बना दिया.
यह कहते हुए मैं उसके लंड की चमड़ी को ऊपर नीचे कर ‘सुड़प सुड़प …’ करती हुई चूसने लगी.

कुछ देर बाद वह बोला- मुनिया, अब मेरा माल निकलने वाला है.
ये कह कर उसने मेरे बालों को पकड़ लिया और मेरे मुँह को फिर से जोर से चोदते हुए पूरा वीर्य मेरे मुँह में भर दिया.

वह- आंह सुम्मी मज़ा आ गया तुम्हारी चूत बड़ी नशीली है. मुझे दीवाना बना दिया रे तूने वाह.

हम दोनों एक दूसरे के दीवाने हो चुके थे. मेरी जवानी का वो … और मैं उसके हब्शी लंड की दीवानी. उसने मुझे इतना खुश कर दिया था कि मैं उसका सारा माल पी गयी.

फिर मैंने घड़ी देखी तो काफी देर हो गई थी.
वह बोला- मुनिया बहुत देर हो गयी है अब मैं चलता हूं. कल फिर आऊंगा.

कपड़े पहन कर उसने मुझे फिर से अपनी गोद में उठाया और मुझे चूमते हुए घर के दरवाज़े तक ले गया.
मैंने उसे विदा कहा और मैं भी दरवाज़ा बंद करके बाथरूम में खुद को साफ करने चली गयी.

इतनी धमाकेदार चुदाई मेरी किसी ने नहीं की थी.
इतनी लंबी चुदाई के बाद मैं पूरी थक चुकी थी.

जब नहा कर बाहर निकली तो देखा 7 बज चुके थे.
कुछ ही देर बाद मम्मी पापा भी घर पहुंच गए.

मैं बहुत ज्यादा थक गई थी तो मैं स्नैक्स खाकर गुडनाइट बोल कर सीधी अपने कमरे में आराम करने चली गयी.

ये थी कॉलेज गर्ल की पोर्न स्टोरी … मेरी लाइफ की एक छोटी सी यादगार सेक्स कहानी.